शारदीय नवरात्र का समापन — हवन और देवी भजनों की संध्या।
प्लानो और डैलस में दान केंद्र — स्थान और तिथियाँ यहीं घोषित की जाएँगी।

माता रामो मत्पिता
रामचन्द्रः।
१ जनवरी २००९ को हिंदू कल्चरल फ़ाउंडेशन ने कॉलिन काउंटी और उत्तर डैलस के भारतीय समाज की धार्मिक आवश्यकताओं हेतु श्री राम मंदिर की स्थापना की।
उपासना, समाज-सेवा और शिक्षा के माध्यम से सनातन आदर्शों का पालन और प्रसार ही इसका ध्येय है — धर्म-प्रवचन, बच्चों के लिए गुरुकुल, योग व ध्यान, संतों और विद्वानों के व्याख्यान, स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान, तथा वरिष्ठजनों और युवाओं के कार्यक्रम।
२२ जनवरी २०२४ को अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हुई। उससे पंद्रह वर्ष पहले से, प्लानो में यही राम दरबार उत्तर टेक्सास के परिवारों को आशीर्वाद दे रहा है — ताकि अयोध्या हर भक्त के हृदय के निकट रहे।







जहाँ भी हों,
दर्शन यहीं हैं।
घर बैठे आरती में सम्मिलित हों, 360° दृश्य में पूरे गर्भगृह की परिक्रमा करें, या मंदिर के यूट्यूब चैनल पर उत्सवों की झलक देखें।
यूट्यूब चैनल
आरती के समय लाइव
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर,
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर।
गोस्वामी तुलसीदास कृत चालीस चौपाइयों का यह स्तोत्र हर मंगलवार सायं 6:30 बजे मंदिर में सामूहिक रूप से गाया जाता है।
मंगलवार पाठ में जुड़ें →
पाठ से पहले हनुमान जी का स्मरण करें, दीप जलाएँ और शांत मन से गाएँ।
॥ दोहा ॥
श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार॥
॥ चौपाई ॥
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥
राम दूत अतुलित बल धामा।
अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा॥
महाबीर बिक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी॥
कंचन बरन बिराज सुबेसा।
कानन कुंडल कुंचित केसा॥
हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।
काँधे मूँज जनेऊ साजै॥
संकर सुवन केसरीनंदन।
तेज प्रताप महा जग बंदन॥
बिद्यावान गुनी अति चातुर।
राम काज करिबे को आतुर॥
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लखन सीता मन बसिया॥
सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
बिकट रूप धरि लंक जरावा॥
भीम रूप धरि असुर सँहारे।
रामचंद्र के काज सँवारे॥
लाय सजीवन लखन जियाये।
श्रीरघुबीर हरषि उर लाये॥
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं॥
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
नारद सारद सहित अहीसा॥
जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते।
कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते॥
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाय राज पद दीन्हा॥
तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।
लंकेस्वर भए सब जग जाना॥
जुग सहस्र जोजन पर भानू।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं॥
दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥
राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥
सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रच्छक काहू को डर ना॥
आपन तेज सम्हारो आपै।
तीनों लोक हाँक तें काँपै॥
भूत पिसाच निकट नहिं आवै।
महाबीर जब नाम सुनावै॥
नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत बीरा॥
संकट तें हनुमान छुड़ावै।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥
सब पर राम तपस्वी राजा।
तिन के काज सकल तुम साजा॥
और मनोरथ जो कोई लावै।
सोइ अमित जीवन फल पावै॥
चारों जुग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा॥
साधु संत के तुम रखवारे।
असुर निकंदन राम दुलारे॥
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
अस बर दीन जानकी माता॥
राम रसायन तुम्हरे पासा।
सदा रहो रघुपति के दासा॥
तुम्हरे भजन राम को पावै।
जनम जनम के दुख बिसरावै॥
अंत काल रघुबर पुर जाई।
जहाँ जन्म हरि-भक्त कहाई॥
और देवता चित्त न धरई।
हनुमत सेइ सर्ब सुख करई॥
संकट कटै मिटै सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥
जै जै जै हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं॥
जो सत बार पाठ कर कोई।
छूटहि बंदि महा सुख होई॥
जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
होय सिद्धि साखी गौरीसा॥
तुलसीदास सदा हरि चेरा।
कीजै नाथ हृदय महँ डेरा॥
॥ दोहा ॥
पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥
॥ सियावर रामचंद्र की जय · पवनसुत हनुमान की जय ॥
पंचांग 2026
आगामी पर्व, पूजा-हवन और पाठ-सत्संग — हर परिवार का स्वागत है।
रावण पर प्रभु राम की विजय — धर्म की जय।
करवा चौथ का मेला, कथा और पूजा।
दीपावली से पूर्व के पावन पूजन।
प्रभु राम का अयोध्या आगमन — दीप, लक्ष्मी पूजन और उल्लास।
श्री कृष्ण को छप्पन भोग का अन्नकूट, और भाई दूज का आशीर्वाद।
तुलसी माता और शालिग्राम जी का पावन विवाह।
श्री रामचरितमानस का अखंड पाठ — परिवार पाठ प्रायोजित कर सकते हैं।
वह दिवस जब श्री कृष्ण ने गीता का उपदेश दिया।
वर्ष-भर चले रामायण पाठ की पूर्णाहुति।
नववर्ष का आरंभ हवन और मास-भर के रामायण पाठ से।
तिथियाँ मंदिर की 2026 वार्षिक सूची के अनुसार हैं; पर्व चंद्र पंचांग पर आधारित होते हैं, अतः सटीक समय के लिए साप्ताहिक समाचार-पत्र देखें। सम्पूर्ण 2026 पंचांग (PDF)
हर संस्कार,
विधि-विधान से।
हमारे पुरोहित मंदिर में, आपके घर या व्यवसाय-स्थल पर, अथवा ऑनलाइन पूजा सम्पन्न कराते हैं — ऑनलाइन पूजा में संकल्प आपके नाम से होता है, वीडियो कॉल वैकल्पिक है।
शुल्क सूची (PDF) →- अखंड रामायण$301$551
- अन्नप्राशन$201$301
- विवाह वर्षगाँठ पूजा$201$301
- अर्चना · जन्मदिन / वर्षगाँठ आशीर्वाद$21
— - भूमि पूजन
—$301 - जन्मदिन पूजा$201$301
- व्यवसाय पूजा
—$351 - चूड़ी संस्कार
—$301 - दुर्गा पूजा
—$301 - दुर्गा पूजा हवन सहित
—$351 - सगाई$251$351
- गंडमूल · मूल शांति$201$301
- गोद भराई$251$351
- ग्रह शांति$201$301
- गृह प्रवेश
—$301 - गृह प्रवेश हवन व सत्यनारायण
—$351 - हनुमान चालीसा पाठ · ३१ बार$201$301
- हवन$251$301
- लक्ष्मी पूजा$201$301
- माता की चौकी · परिवार$201
—
- माता की चौकी · प्रायोजित$251$351
- माता का जागरण · पूरी रात$1,001
— - मुंडन$201$301
- नामकरण$201$301
- नवग्रह पूजा$201$301
- नवग्रह हवन सहित$251$351
- रुद्राभिषेक$201$301
- सरस्वती पूजा$201$301
- सत्यनारायण कथा$201$301
- सत्यनारायण हवन सहित$251$351
- पूर्णिमा सत्यनारायण · मंदिर द्वारा$31
— - शनि देव पूजा · शनिवार$51$301
- सेहरा बंदी
—$351 - श्राद्ध$201$301
- सुंदरकांड पाठ · प्रायोजित$251$301
- सुंदरकांड · शनिवार सामूहिक, प्रति परिवार$151
— - उपनयन · यज्ञोपवीत$251$351
- उद्यापन$201$301
- वाहन पूजा$51
— - विवाह$501$601
कोई पूजा नहीं मिली — कृपया कार्यालय से संपर्क करें।
बुकिंग हेतु कार्यालय को फ़ोन करें: 972-422-1600 · पुरोहित की दक्षिणा अलग से। शुल्क परिवर्तनीय है; मंदिर में विवाह हेतु $151 की वापसी-योग्य जमा राशि। चेक “Shri Ram Mandir” के नाम।
श्रद्धा जब
सेवा बन जाए।
श्री राम मंदिर पूर्णतः भक्तों की उदारता से चलता है। आपका दान पुरोहितों, बिजली-पानी, मंदिर-भवन के किराए और पूजा-सामग्री में लगता है — और कर-मुक्त है।
अभी दान करेंसुरक्षित ऑनलाइन दान या पूजा-शुल्क।
ऑनलाइन दान करें →एक मिनट में मासिक दान आरंभ करें।
पेपाल से दें →new.srmplano21@gmail.com
“Shri Ram Mandir” के नाम
221 W Parker Rd, Ste 470
Plano, TX 75023
वार्षिक सदस्यता
कैलेंडर वर्ष की सदस्यता — सदस्य ही वर्ष-भर मंदिर का दीप जलाए रखते हैं।
- एक डॉलर प्रतिदिन · $31 मासिक — छोटी-सी नियमित भेंट।
- प्रायोजक · $2,100+ वार्षिक — वेबसाइट और समाचार-पत्र में नाम, प्रमुख पर्वों पर दो शब्द कहने का अवसर।
- नियोक्ता मिलान — बेनेविटी आदि कार्यस्थल योजनाओं से अपना दान दुगुना करें।
हिंदू कल्चरल फ़ाउंडेशन इंक. (श्री राम मंदिर) एक 501(c)(3) धर्मार्थ संस्था है, कर पहचान संख्या 26-3547343। कृपया केवल इसी पृष्ठ पर दिए माध्यमों से दान करें — व्हाट्सऐप या सोशल मीडिया पर भेजे गए खातों में कभी नहीं।
सेवा में समर्पित,
परंपरा के संरक्षक।
मंदिर स्वयंसेवकों द्वारा संचालित है और हिंदू कल्चरल फ़ाउंडेशन के बोर्ड के मार्गदर्शन में दो पुरोहित सेवा करते हैं।
बोर्ड से संपर्क करें →
पंडित पुष्प एल. कोइराला जी
मंदिर की स्थापना के वर्ष से सेवा में। वैदिक कर्मकांड में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव; अपने मधुर स्वर और भजनों के लिए भक्तों में अत्यंत प्रिय।
पूजा बुक करें →
पंडित सुरेश नौटियाल जी
वैदिक कर्मकांड में 15 वर्ष से अधिक का अनुभव — मंदिर और घर पर पूजा, हवन और जीवन के सभी संस्कार विधि-विधान से सम्पन्न कराते हैं।
पूजा बुक करें →प्रबंध समिति
हिंदू कल्चरल फ़ाउंडेशन- समाचार-पत्र व सोशल मीडिया
गगन शौरी · मृदुल जैन · शेली शर्मा
- युवा स्वयंसेवक समूह
अनुष्का राय, अध्यक्ष
- बोर्ड से संपर्क

बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन कुमार।
राम काज करिबे को
आतुर।
बल, बुद्धि और विद्या के दाता — हर मंगलवार और शनिवार मंदिर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड से गूँज उठता है।
हनुमान पाठ बुक करें →- 01हनुमान चालीसा · हर मंगलवार, सायं 6:30सामूहिक पाठ, आरती और प्रसाद
- 02सुंदरकांड पाठ · मंगल व शनि, सायं 6:00शनिवार का पाठ परिवार प्रायोजित कर सकते हैं
- 03हनुमान जयंती108 हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ
- 0431 हनुमान चालीसा पाठ · $201मंदिर में (घर पर $301)
- 05सुंदरकांड · प्रायोजित $251 · सामूहिक $151शनिवार का सामूहिक पाठ, प्रति परिवार
सुंदरकांड —
पवनसुत की अमर गाथा।
पाँच अध्यायों में वह कथा, जिसमें भक्ति ने समुद्र लाँघा, अहंकार की लंका जली और राम-नाम की मुद्रिका ने माँ सीता के हृदय में आशा का दीप जलाया।
सकल सुमंगल दायक रघुनायक गुन गान।
सादर सुनहिं ते तरहिं भव सिंधु बिना जलजान॥
रघुनाथ जी का गुणगान सम्पूर्ण मंगलों का दाता है; जो इसे आदरपूर्वक सुनते हैं, वे बिना नौका के ही भवसागर पार कर जाते हैं।
मंदिर में सुंदरकांड पाठ — मंगल व शनि

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु
शक्तिरूपेण संस्थिता।
सिंहवाहिनी, दुष्टों का संहार और भक्तों की रक्षा करने वाली माँ — हर शुक्रवार माँ दुर्गा व माँ लक्ष्मी का विशेष दिन।
माँ की पूजा बुक करें →- 01माता की चौकीहर माह का दूसरा शुक्रवार, रात्रि 8:15 — देवी भजन और जागरण
- 02शारदीय व चैत्र नवरात्रनवचंडी हवन और भव्य माता की चौकी
- 03शुक्रवार विशेष दर्शनहर शुक्रवार माँ दुर्गा व माँ लक्ष्मी के विशेष दर्शन
- 04दुर्गा पूजा · $301 · हवन सहित $351घर या व्यवसाय-स्थल पर, पुरोहित जी द्वारा
- 05चौकी $251 · माता का जागरण $1,001परिवार की ओर से प्रायोजित चौकी या पूरी रात का जागरण

सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥
कर्पूरगौरं करुणावतारं,
संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।
कर्पूर-से गौर, करुणा के अवतार भगवान शिव और जगदम्बा पार्वती — अखंड दाम्पत्य और परम कल्याण के प्रतीक।
रुद्राभिषेक बुक करें →- 01हर सोमवारशिव जी का विशेष दिवस — जलाभिषेक और बिल्वपत्र अर्पण
- 02महाशिवरात्रि · श्रावण मासचार प्रहर की पूजा और पूरे श्रावण का अभिषेक
- 03हरियाली तीजमाँ पार्वती का उत्सव, सुहागिनों के लिए विशेष
- 04संध्या आरती · शिव चालीसाप्रतिदिन सायं 7:45 बजे
- 05रुद्राभिषेक · $201 · घर पर $301हमारे पुरोहितों द्वारा
मन मंदिर में
राम नाम का दीप।
संध्या आरती और सत्संग में गाए जाने वाले भजन — साथ-साथ गाइए।
संध्या आरती · सायं 7:45 →
श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं।
नवकंज-लोचन कंज-मुख कर-कंज पद कंजारुणं॥
कन्दर्प अगणित अमित छवि नवनील-नीरद सुन्दरं।
पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि नौमि जनक सुतावरं॥
भजु दीनबन्धु दिनेश दानव-दैत्य-वंश-निकन्दनं।
रघुनन्द आनन्दकन्द कोशलचन्द दशरथ-नन्दनं॥
शिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारु अङ्ग विभूषणं।
आजानु-भुज-शर-चाप-धर संग्राम-जित-खरदूषणं॥
इति वदति तुलसीदास शंकर-शेष-मुनि-मन-रंजनं।
मम हृदय-कंज निवास कुरु कामादि खलदल-गंजनं॥
आरती कीजै हनुमान लला की।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥
जाके बल से गिरिवर काँपे।
रोग दोष जाके निकट न झाँके॥
अंजनि पुत्र महा बलदाई।
संतन के प्रभु सदा सहाई॥
दे बीरा रघुनाथ पठाए।
लंका जारि सिया सुधि लाए॥
लंका सो कोट समुद्र सी खाई।
जात पवनसुत बार न लाई॥
लंका जारि असुर संहारे।
सियारामजी के काज सँवारे॥
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे।
आनि संजीवन प्रान उबारे॥
पैठि पाताल तोरि जम-कारे।
अहिरावण की भुजा उखारे॥
बाएँ भुजा असुर दल मारे।
दाहिने भुजा संतजन तारे॥
सुर नर मुनि आरती उतारें।
जय जय जय हनुमान उचारें॥
कंचन थार कपूर लौ छाई।
आरती करत अंजना माई॥
जो हनुमानजी की आरती गावे।
बसि बैकुंठ परम पद पावे॥
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥
जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिनसे मन का, स्वामी दुःख बिनसे मन का।
सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥
मात पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी, स्वामी शरण गहूँ मैं किसकी।
तुम बिन और न दूजा, आस करूँ मैं जिसकी॥
तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी, स्वामी तुम अन्तर्यामी।
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सब के स्वामी॥
तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता, स्वामी तुम पालनकर्ता।
मैं सेवक तुम स्वामी, कृपा करो भर्ता॥
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति, स्वामी सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति॥
दीनबन्धु दुःखहर्ता, ठाकुर तुम मेरे, स्वामी रक्षक तुम मेरे।
अपने हाथ उठाओ, अपनी शरण लगाओ, द्वार पड़ा तेरे॥
विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा, स्वामी पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, सन्तन की सेवा॥
हर उत्सव में राम का नाम,
हर सत्संग में शांति।
नियमित सत्संग और आगामी पर्व — भक्ति और श्रद्धा से जुड़ने का पावन अनुभव। हर परिवार का स्वागत है।
सभी उत्सव देखें →





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जुड़ें।
समय, कौशल और संसाधनों के साथ सहभागिता — मीडिया, समाचार-पत्र या युवा समूह: info.srmyouth@gmail.com
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वैदिक कर्मकांड, पूजा, हवन और संस्कारों में अनुभवी पुरोहित।कोषाध्यक्ष
मंदिर के लेखा-जोखा और वित्तीय व्यवस्था में बोर्ड का सहयोग।सेवा में सहभागी बनें
रामायण को केवल पढ़िए मत।
उसे जीकर देखिए।
प्रभु राम का जीवन केवल सुनी हुई कथा नहीं — जीने की वह रीति है जिसे हम टेक्सास में अपने बच्चों को सौंपते हैं।
प्रवेश लें →5 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए हिंदी, नैतिक शिक्षा और भजन
हर रविवार, प्रातः 10 से दोपहर 12 बजे, 23 अगस्त 2026 से 16 मई 2027 तक — अधिकांश कक्षाएँ ज़ूम पर।

राज्य का मूल्य चुकाकर भी प्रभु राम ने वचन निभाया।

हनुमान जी ने सेवा के अवसर के अतिरिक्त कुछ नहीं माँगा।

भरत ने सिंहासन पर प्रभु की पादुकाएँ रखकर राज किया।

प्राण जाएँ पर वचन न जाए।
पधारिए,
आपका स्वागत है।
6521 Chase Oaks Blvd, Plano, TX 75023 — दर्शन के लिए सभी का स्वागत है।
मार्ग देखें →
दर्शन का समय
- सोमवार – शुक्रवार
- 9:30 AM – 12:30 PM
5:30 – 8:30 PM - शनिवार – रविवार
- 9:30 AM – 8:30 PM
- आरती
- दोपहर 12:00 · सायं 7:45
मंदिर मर्यादा
- मंडप में प्रवेश से पहले जूते-चप्पल उतारें।
- शालीन, सहज वस्त्र धारण करें।
- आरती के समय फ़ोन मौन रखें।
- विग्रहों को स्पर्श न करें; भेंट पुरोहित जी को दें।
- चाहें तो पुष्प, फल या मिष्ठान्न अर्पित करें।
भक्तों के प्रश्न
पूजा या संस्कार की बुकिंग कैसे करें?
कार्यालय को 972-422-1600 पर फ़ोन करें। पूजा मंदिर में, घर या व्यवसाय-स्थल पर, अथवा ऑनलाइन हो सकती है — शुल्क सूची पूजा व संस्कार खंड में है।
क्या मेरा दान कर-मुक्त है?
हाँ। हिंदू कल्चरल फ़ाउंडेशन इंक. (श्री राम मंदिर) 501(c)(3) संस्था है, कर पहचान संख्या 26-3547343। अनेक नियोक्ता आपके दान का मिलान भी करते हैं।
क्या मंदिर में विवाह हो सकता है?
हाँ। मंदिर में विवाह $501 (बाहर $601), साथ में $151 वापसी-योग्य जमा राशि। तिथि के लिए फ़ोन करें।
क्या बच्चों के लिए कक्षाएँ हैं?
एसआरएम गुरुकुल रविवार प्रातः 5–14 वर्ष के बच्चों के लिए हिंदी, नैतिक शिक्षा और भजन सिखाता है — gurukul.srm@gmail.com
उत्सव या स्टॉल हेतु अनुरोध कैसे करें?
बोर्ड को bod@srmplano.org पर लिखें।
नवीनतम जानकारी कैसे पाएँ?
srmplano.org पर साप्ताहिक समाचार-पत्र की सदस्यता लें, SRM Plano ऐप इंस्टॉल करें, या फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर जुड़ें।
SRM Plano ऐपउत्सव, समय-सारणी और सूचनाएँ आपके फ़ोन पर।
रघुकुल रीति सदा चलि आई।
प्राण जाइ पर बचन न जाई।
रघुकुल की यही रीति सदा से चली आई है — प्राण भले चले जाएँ, पर वचन नहीं जाता।
— श्री रामचरितमानस, गोस्वामी तुलसीदास श्री राम मंदिर को सहयोग दें