मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की पावन जन्मभूमि अयोध्या में आपका स्वागत है। आइए, दिव्य दर्शन, प्राचीन परंपराओं, भव्य मंदिर वास्तुकला और सनातन संस्कृति की अनंत आध्यात्मिक विरासत का अनुभव करें।
जहाँ आस्था जीवंत होती है, वहाँ श्री राम विराजते हैं।
श्री राम के दर्शन करें
मंदिर के बारे में जानें
!! जय श्री राम !!
हनुमान चालीसा राम स्तुति
अपनी भव्य स्थापत्य कला, उत्कृष्ट शिल्पकारी और आध्यात्मिक महत्व के साथ यह मंदिर भारत की सांस्कृतिक चेतना और प्राचीन परंपराओं की गौरवशाली विरासत को दर्शाता है।
यह केवल एक पवित्र स्थल नहीं, बल्कि श्रद्धा, मर्यादा और भारतीय सभ्यता के शाश्वत मूल्यों का जीवंत प्रतीक है।
अयोध्या की पावन भूमि पर स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सनातन संस्कृति का अद्वितीय प्रतीक है।
आस्था, संस्कृति और इतिहास का भव्य प्रतीक
हमारी दिव्य विरासत
मंदिर का इतिहास जानें
धर्मो रक्षति रक्षितः।
जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है।
2009स्थापना वर्ष
2नित्य आरती
2पुरोहित
45+पूजा व संस्कार
501(c)(3)धर्मार्थ संस्था

प्लानो और डैलस में दान केंद्र — स्थान और तिथियाँ यहीं घोषित की जाएँगी।

श्री राम
हमारा मंदिर

माता रामो मत्पिता
रामचन्द्रः।

१ जनवरी २००९ को हिंदू कल्चरल फ़ाउंडेशन ने कॉलिन काउंटी और उत्तर डैलस के भारतीय समाज की धार्मिक आवश्यकताओं हेतु श्री राम मंदिर की स्थापना की।

उपासना, समाज-सेवा और शिक्षा के माध्यम से सनातन आदर्शों का पालन और प्रसार ही इसका ध्येय है — धर्म-प्रवचन, बच्चों के लिए गुरुकुल, योग व ध्यान, संतों और विद्वानों के व्याख्यान, स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान, तथा वरिष्ठजनों और युवाओं के कार्यक्रम।

२२ जनवरी २०२४ को अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हुई। उससे पंद्रह वर्ष पहले से, प्लानो में यही राम दरबार उत्तर टेक्सास के परिवारों को आशीर्वाद दे रहा है — ताकि अयोध्या हर भक्त के हृदय के निकट रहे।

मंदिर में विराजमान
राम दरबार
राम दरबार
हनुमान जी
हनुमान जी
दुर्गा माँ
दुर्गा माँ
गौरी शंकर
गौरी शंकर
नवग्रह
नवग्रह
राधा कृष्ण
राधा कृष्ण
गणेश जी
गणेश जी
LIVE DARSHAN & MANDIR VIEW

जहाँ भी हों,
दर्शन यहीं हैं।

घर बैठे आरती में सम्मिलित हों, 360° दृश्य में पूरे गर्भगृह की परिक्रमा करें, या मंदिर के यूट्यूब चैनल पर उत्सवों की झलक देखें।

यूट्यूब चैनल
खींचकर चारों ओर घुमाएँ
360° मंदिर दृश्यघुमाने के लिए खींचें
उत्सव
दीपावली · अन्नकूट · होली · अखंड रामायणमंदिर के यूट्यूब चैनल से — जब सीधा प्रसारण न हो, तब प्लेयर चैनल का नवीनतम प्रसारण दिखाता है।
यूट्यूब
आरती दर्शन
आरती के समय लाइव
प्लानो से आरती दर्शनप्रतिदिन दोपहर 12:00 व सायं 7:45 (सेंट्रल समय)
फ़ेसबुक पर देखें
दिव्य दर्शन
प्रभु के दर्शन, मन को शांति
भक्ति और श्रद्धा से जुड़ने का एक पावन अनुभव। सनातन परंपरा के आराध्य देवी-देवताओं के आध्यात्मिक स्वरूप और उनकी महिमा को जानें।
सभी दिव्य दर्शन देखें →
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श्री हनुमान चालीसा

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर,
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर।

गोस्वामी तुलसीदास कृत चालीस चौपाइयों का यह स्तोत्र हर मंगलवार सायं 6:30 बजे मंदिर में सामूहिक रूप से गाया जाता है।

मंगलवार पाठ में जुड़ें →
हनुमान जी
40चौपाइयाँ
2दोहे
मंगलसायं 6:30

पाठ से पहले हनुमान जी का स्मरण करें, दीप जलाएँ और शांत मन से गाएँ।

हनुमान चालीसा सुनें
हनुमान चालीसा सुनेंसाथ-साथ पाठ करें

॥ दोहा ॥

श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।

बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥

बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।

बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार॥

॥ चौपाई ॥

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।

जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥

राम दूत अतुलित बल धामा।

अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा॥

महाबीर बिक्रम बजरंगी।

कुमति निवार सुमति के संगी॥

कंचन बरन बिराज सुबेसा।

कानन कुंडल कुंचित केसा॥

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।

काँधे मूँज जनेऊ साजै॥

संकर सुवन केसरीनंदन।

तेज प्रताप महा जग बंदन॥

बिद्यावान गुनी अति चातुर।

राम काज करिबे को आतुर॥

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।

राम लखन सीता मन बसिया॥

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।

बिकट रूप धरि लंक जरावा॥

भीम रूप धरि असुर सँहारे।

रामचंद्र के काज सँवारे॥

लाय सजीवन लखन जियाये।

श्रीरघुबीर हरषि उर लाये॥

रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।

तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।

अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं॥

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।

नारद सारद सहित अहीसा॥

जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते।

कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते॥

तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।

राम मिलाय राज पद दीन्हा॥

तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।

लंकेस्वर भए सब जग जाना॥

जुग सहस्र जोजन पर भानू।

लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।

जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं॥

दुर्गम काज जगत के जेते।

सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥

राम दुआरे तुम रखवारे।

होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥

सब सुख लहै तुम्हारी सरना।

तुम रच्छक काहू को डर ना॥

आपन तेज सम्हारो आपै।

तीनों लोक हाँक तें काँपै॥

भूत पिसाच निकट नहिं आवै।

महाबीर जब नाम सुनावै॥

नासै रोग हरै सब पीरा।

जपत निरंतर हनुमत बीरा॥

संकट तें हनुमान छुड़ावै।

मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥

सब पर राम तपस्वी राजा।

तिन के काज सकल तुम साजा॥

और मनोरथ जो कोई लावै।

सोइ अमित जीवन फल पावै॥

चारों जुग परताप तुम्हारा।

है परसिद्ध जगत उजियारा॥

साधु संत के तुम रखवारे।

असुर निकंदन राम दुलारे॥

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।

अस बर दीन जानकी माता॥

राम रसायन तुम्हरे पासा।

सदा रहो रघुपति के दासा॥

तुम्हरे भजन राम को पावै।

जनम जनम के दुख बिसरावै॥

अंत काल रघुबर पुर जाई।

जहाँ जन्म हरि-भक्त कहाई॥

और देवता चित्त न धरई।

हनुमत सेइ सर्ब सुख करई॥

संकट कटै मिटै सब पीरा।

जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥

जै जै जै हनुमान गोसाईं।

कृपा करहु गुरुदेव की नाईं॥

जो सत बार पाठ कर कोई।

छूटहि बंदि महा सुख होई॥

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।

होय सिद्धि साखी गौरीसा॥

तुलसीदास सदा हरि चेरा।

कीजै नाथ हृदय महँ डेरा॥

॥ दोहा ॥

पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।

राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥

॥ सियावर रामचंद्र की जय · पवनसुत हनुमान की जय ॥

गोस्वामी तुलसीदास
आगामी उत्सव

पंचांग 2026

आगामी पर्व, पूजा-हवन और पाठ-सत्संग — हर परिवार का स्वागत है।

19अक्टू 2026
पूजा · हवननवचंडी हवन · भव्य माता की चौकी

शारदीय नवरात्र का समापन — हवन और देवी भजनों की संध्या।

20अक्टू 2026
पर्वदशहरा · विजयादशमी

रावण पर प्रभु राम की विजय — धर्म की जय।

28–29अक्टू 2026
पर्वकरवा चौथ मेला

करवा चौथ का मेला, कथा और पूजा।

कार्तिकतिथि शीघ्र
पूजा · हवनअहोई अष्टमी · धनतेरस

दीपावली से पूर्व के पावन पूजन।

8नव 2026
पर्वदीपावली · लक्ष्मी पूजन

प्रभु राम का अयोध्या आगमन — दीप, लक्ष्मी पूजन और उल्लास।

कार्तिकतिथि शीघ्र
पर्वअन्नकूट · गोवर्धन पूजा · भाई दूज

श्री कृष्ण को छप्पन भोग का अन्नकूट, और भाई दूज का आशीर्वाद।

कार्तिकतिथि शीघ्र
पूजा · हवनतुलसी विवाह

तुलसी माता और शालिग्राम जी का पावन विवाह।

5–6दिस 2026
पाठ · सत्संग२४ घंटे का अखंड रामायण पाठ

श्री रामचरितमानस का अखंड पाठ — परिवार पाठ प्रायोजित कर सकते हैं।

मार्गशीर्षतिथि शीघ्र
पाठ · सत्संगगीता जयंती

वह दिवस जब श्री कृष्ण ने गीता का उपदेश दिया।

30दिस 2026
पाठ · सत्संगवार्षिक रामायण समापन

वर्ष-भर चले रामायण पाठ की पूर्णाहुति।

पौषतिथि शीघ्र
पूजा · हवननवग्रह हवन · ३० दिवसीय रामायण पाठ

नववर्ष का आरंभ हवन और मास-भर के रामायण पाठ से।

तिथियाँ मंदिर की 2026 वार्षिक सूची के अनुसार हैं; पर्व चंद्र पंचांग पर आधारित होते हैं, अतः सटीक समय के लिए साप्ताहिक समाचार-पत्र देखें। सम्पूर्ण 2026 पंचांग (PDF)

पूजा व संस्कार

हर संस्कार,
विधि-विधान से।

हमारे पुरोहित मंदिर में, आपके घर या व्यवसाय-स्थल पर, अथवा ऑनलाइन पूजा सम्पन्न कराते हैं — ऑनलाइन पूजा में संकल्प आपके नाम से होता है, वीडियो कॉल वैकल्पिक है।

शुल्क सूची (PDF) →
मंदिर मेंमुख्य मंडप में, देव-विग्रहों के समक्ष
घर या व्यवसाय परगृह प्रवेश, हवन, संस्कार
ऑनलाइनआपके नाम से संकल्प, वीडियो कॉल वैकल्पिक
मंदिर मेंबाहर (घर / व्यवसाय)
पूजा / संस्कारमंदिर मेंबाहर
  • अखंड रामायण$301$551
  • अन्नप्राशन$201$301
  • विवाह वर्षगाँठ पूजा$201$301
  • अर्चना · जन्मदिन / वर्षगाँठ आशीर्वाद$21—
  • भूमि पूजन—$301
  • जन्मदिन पूजा$201$301
  • व्यवसाय पूजा—$351
  • चूड़ी संस्कार—$301
  • दुर्गा पूजा—$301
  • दुर्गा पूजा हवन सहित—$351
  • सगाई$251$351
  • गंडमूल · मूल शांति$201$301
  • गोद भराई$251$351
  • ग्रह शांति$201$301
  • गृह प्रवेश—$301
  • गृह प्रवेश हवन व सत्यनारायण—$351
  • हनुमान चालीसा पाठ · ३१ बार$201$301
  • हवन$251$301
  • लक्ष्मी पूजा$201$301
  • माता की चौकी · परिवार$201—
पूजा / संस्कारमंदिर मेंबाहर
  • माता की चौकी · प्रायोजित$251$351
  • माता का जागरण · पूरी रात$1,001—
  • मुंडन$201$301
  • नामकरण$201$301
  • नवग्रह पूजा$201$301
  • नवग्रह हवन सहित$251$351
  • रुद्राभिषेक$201$301
  • सरस्वती पूजा$201$301
  • सत्यनारायण कथा$201$301
  • सत्यनारायण हवन सहित$251$351
  • पूर्णिमा सत्यनारायण · मंदिर द्वारा$31—
  • शनि देव पूजा · शनिवार$51$301
  • सेहरा बंदी—$351
  • श्राद्ध$201$301
  • सुंदरकांड पाठ · प्रायोजित$251$301
  • सुंदरकांड · शनिवार सामूहिक, प्रति परिवार$151—
  • उपनयन · यज्ञोपवीत$251$351
  • उद्यापन$201$301
  • वाहन पूजा$51—
  • विवाह$501$601

बुकिंग हेतु कार्यालय को फ़ोन करें: 972-422-1600 · पुरोहित की दक्षिणा अलग से। शुल्क परिवर्तनीय है; मंदिर में विवाह हेतु $151 की वापसी-योग्य जमा राशि। चेक “Shri Ram Mandir” के नाम।

पुरोहित व प्रबंधन

सेवा में समर्पित,
परंपरा के संरक्षक।

मंदिर स्वयंसेवकों द्वारा संचालित है और हिंदू कल्चरल फ़ाउंडेशन के बोर्ड के मार्गदर्शन में दो पुरोहित सेवा करते हैं।

बोर्ड से संपर्क करें →
पंडित पुष्प एल. कोइराला जी
20+वर्ष
मुख्य पुरोहित · नवम्बर 2009 से

पंडित पुष्प एल. कोइराला जी

मंदिर की स्थापना के वर्ष से सेवा में। वैदिक कर्मकांड में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव; अपने मधुर स्वर और भजनों के लिए भक्तों में अत्यंत प्रिय।

वैदिक पूजाभजन-कीर्तनसंस्कारहवन
पूजा बुक करें →
पंडित सुरेश नौटियाल जी
15+वर्ष
पुरोहित · मई 2023 से

पंडित सुरेश नौटियाल जी

वैदिक कर्मकांड में 15 वर्ष से अधिक का अनुभव — मंदिर और घर पर पूजा, हवन और जीवन के सभी संस्कार विधि-विधान से सम्पन्न कराते हैं।

गृह प्रवेशहवनविवाहसत्यनारायण
पूजा बुक करें →

प्रबंध समिति

हिंदू कल्चरल फ़ाउंडेशन
PA
पूनम अवस्थीअध्यक्ष
MJ
मृदुल जैनउपाध्यक्ष व कोषाध्यक्ष
MA
मुकुल अवस्थीचेयरमैन, बोर्ड
GS
गगन शौरीसह-चेयरमैन, बोर्ड
  • समाचार-पत्र व सोशल मीडिया

    गगन शौरी · मृदुल जैन · शेली शर्मा

  • युवा स्वयंसेवक समूह

    अनुष्का राय, अध्यक्ष

  • बोर्ड से संपर्क

    bod@srmplano.org

संकटमोचन हनुमान जी

बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन कुमार।

संकटमोचन हनुमान जी

राम काज करिबे को
आतुर।

बल, बुद्धि और विद्या के दाता — हर मंगलवार और शनिवार मंदिर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड से गूँज उठता है।

हनुमान पाठ बुक करें →
  1. 01
    हनुमान चालीसा · हर मंगलवार, सायं 6:30सामूहिक पाठ, आरती और प्रसाद
  2. 02
    सुंदरकांड पाठ · मंगल व शनि, सायं 6:00शनिवार का पाठ परिवार प्रायोजित कर सकते हैं
  3. 03
    हनुमान जयंती108 हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ
  4. 04
    31 हनुमान चालीसा पाठ · $201मंदिर में (घर पर $301)
  5. 05
    सुंदरकांड · प्रायोजित $251 · सामूहिक $151शनिवार का सामूहिक पाठ, प्रति परिवार
श्री रामचरितमानस · पंचम सोपान

सुंदरकांड —
पवनसुत की अमर गाथा।

पाँच अध्यायों में वह कथा, जिसमें भक्ति ने समुद्र लाँघा, अहंकार की लंका जली और राम-नाम की मुद्रिका ने माँ सीता के हृदय में आशा का दीप जलाया।

सागर-लंघन
01
प्रथम अध्याय

सागर-लंघन

जाम्बवान के वचन सुनकर पवनपुत्र को अपना विस्मृत बल स्मरण हो आया। महेन्द्र पर्वत पर चरण टिकाकर उन्होंने ऐसी छलाँग भरी कि पर्वत पाताल में धँस गया और आकाश स्वयं मार्ग देने लगा। मैनाक ने विश्राम का आग्रह किया, पर हनुमान जी ने उसे स्पर्श कर प्रणाम किया और आगे बढ़ गए। नागमाता सुरसा ने परीक्षा ली — वे विराट हुए, फिर अंगुष्ठ-मात्र होकर उसके मुख से निकल आए। छाया पकड़ने वाली सिंहिका का अंत कर, वे स्वर्णिम लंका के तट पर उतरे।

हनूमान तेहि परसा कर पुनि कीन्ह प्रनाम।
राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम॥

— राम का कार्य पूर्ण किए बिना मुझे विश्राम कहाँ!
लंका-प्रवेश और विभीषण-मिलन
02
द्वितीय अध्याय

लंका-प्रवेश और विभीषण-मिलन

रात्रि में स्वर्ण-मंडित लंका दीपों से जगमगा रही थी। मसक-समान लघु रूप धरकर हनुमान जी ने प्रवेश किया, तो द्वार-रक्षिणी लंकिनी ने रोका। एक ही मुष्टि-प्रहार से वह गिर पड़ी और ब्रह्मा का वचन स्मरण कर बोली — अब राक्षस-कुल का अंत निकट है। महलों-अटारियों में खोजते हुए उन्होंने एक भवन देखा जिस पर राम के आयुध अंकित थे और आँगन में तुलसी लहलहा रही थी। वह विभीषण का घर था — जिसने हनुमान जी को अशोक वाटिका का मार्ग बताया।

प्रबिसि नगर कीजे सब काजा।
हृदयँ राखि कोसलपुर राजा॥

— कोसलपुर के राजा को हृदय में रखकर नगर में प्रवेश करो और सब कार्य सिद्ध करो।
अशोक वाटिका में सीता-दर्शन
03
तृतीय अध्याय

अशोक वाटिका में सीता-दर्शन

अशोक वृक्ष की छाया में, दुर्बल देह और अविचल मन से, माँ जानकी केवल राम-नाम जप रही थीं। रावण की धमकियाँ और राक्षसियों के भय भी उनकी आस्था न डिगा सके। तब वृक्ष की डाल से एक मुद्रिका उनकी गोद में आ गिरी — उस पर अंकित था मनोहर राम-नाम। हनुमान जी ने मधुर स्वर में प्रभु का गुणगान किया, और माँ के अश्रुपूरित नयनों में विश्वास जाग उठा।

कपि के बचन सप्रेम सुनि उपजा मन बिस्वास।
जाना मन क्रम बचन यह कृपासिंधु कर दास॥

— कपि के प्रेम-भरे वचन सुनकर माँ को विश्वास हुआ कि यह मन, कर्म और वचन से कृपासिंधु का दास है।
लंका-दहन
04
चतुर्थ अध्याय

लंका-दहन

माँ की आज्ञा लेकर हनुमान जी ने वाटिका के फल चखे, वृक्ष उखाड़े और अक्षय कुमार का अंत किया। मेघनाद के ब्रह्मास्त्र का मान रखकर वे स्वयं बँध गए और रावण की सभा में निर्भय होकर उसे राम की शरण में जाने का उपदेश दिया। क्रोधित रावण ने पूँछ में आग लगवाई — और वही अग्नि अहंकार की लंका के लिए काल बन गई। उनचास पवन एक साथ चले, कपि ने अट्टहास किया और अटारी-अटारी लाँघते हुए पूरी लंका धधक उठी; केवल विभीषण का भवन अछूता रहा।

हरि प्रेरित तेहि अवसर चले मरुत उनचास।
अट्टहास करि गर्जा कपि बढ़ि लाग अकास॥

— हरि की प्रेरणा से उनचास पवन चल पड़े; कपि गर्जना करते हुए आकाश तक बढ़ गए।
चूड़ामणि और राम-कृपा
05
पंचम अध्याय

चूड़ामणि और राम-कृपा

समुद्र में पूँछ बुझाकर हनुमान जी माँ के पास लौटे; माँ ने पहचान-स्वरूप अपनी चूड़ामणि दी। सागर पार कर वे प्रभु के चरणों में पहुँचे। प्रभु ने उन्हें हृदय से लगा लिया और कहा कि तुम्हारे समान उपकारी न कोई देवता है, न मनुष्य, न मुनि। हनुमान जी ने विनम्रता से सिर झुकाया — यह सब आपका ही प्रताप है, प्रभु। इसके पश्चात विभीषण प्रभु की शरण में आए और सागर ने सेतु का मार्ग दिया।

सुनु कपि तोहि समान उपकारी।
नहिं कोउ सुर नर मुनि तनुधारी॥

— हे कपि! तुम्हारे समान उपकारी कोई देवता, मनुष्य या मुनि शरीरधारी नहीं।
01 / 05

सकल सुमंगल दायक रघुनायक गुन गान।
सादर सुनहिं ते तरहिं भव सिंधु बिना जलजान॥

रघुनाथ जी का गुणगान सम्पूर्ण मंगलों का दाता है; जो इसे आदरपूर्वक सुनते हैं, वे बिना नौका के ही भवसागर पार कर जाते हैं।

मंदिर में सुंदरकांड पाठ — मंगल व शनि
जगज्जननी माँ दुर्गा

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

जगज्जननी माँ दुर्गा

या देवी सर्वभूतेषु
शक्तिरूपेण संस्थिता।

सिंहवाहिनी, दुष्टों का संहार और भक्तों की रक्षा करने वाली माँ — हर शुक्रवार माँ दुर्गा व माँ लक्ष्मी का विशेष दिन।

माँ की पूजा बुक करें →
  1. 01
    माता की चौकीहर माह का दूसरा शुक्रवार, रात्रि 8:15 — देवी भजन और जागरण
  2. 02
    शारदीय व चैत्र नवरात्रनवचंडी हवन और भव्य माता की चौकी
  3. 03
    शुक्रवार विशेष दर्शनहर शुक्रवार माँ दुर्गा व माँ लक्ष्मी के विशेष दर्शन
  4. 04
    दुर्गा पूजा · $301 · हवन सहित $351घर या व्यवसाय-स्थल पर, पुरोहित जी द्वारा
  5. 05
    चौकी $251 · माता का जागरण $1,001परिवार की ओर से प्रायोजित चौकी या पूरी रात का जागरण
गौरी शंकर

सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥

गौरी शंकर

कर्पूरगौरं करुणावतारं,
संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।

कर्पूर-से गौर, करुणा के अवतार भगवान शिव और जगदम्बा पार्वती — अखंड दाम्पत्य और परम कल्याण के प्रतीक।

रुद्राभिषेक बुक करें →
  1. 01
    हर सोमवारशिव जी का विशेष दिवस — जलाभिषेक और बिल्वपत्र अर्पण
  2. 02
    महाशिवरात्रि · श्रावण मासचार प्रहर की पूजा और पूरे श्रावण का अभिषेक
  3. 03
    हरियाली तीजमाँ पार्वती का उत्सव, सुहागिनों के लिए विशेष
  4. 04
    संध्या आरती · शिव चालीसाप्रतिदिन सायं 7:45 बजे
  5. 05
    रुद्राभिषेक · $201 · घर पर $301हमारे पुरोहितों द्वारा
भजन व आरती

मन मंदिर में
राम नाम का दीप।

संध्या आरती और सत्संग में गाए जाने वाले भजन — साथ-साथ गाइए।

संध्या आरती · सायं 7:45 →
आज का भजन चुनें
श्री राम स्तुति सुनें
श्री राम स्तुति सुनेंश्री रामचंद्र कृपालु भजु मन

श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं।

नवकंज-लोचन कंज-मुख कर-कंज पद कंजारुणं॥

कन्दर्प अगणित अमित छवि नवनील-नीरद सुन्दरं।

पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि नौमि जनक सुतावरं॥

भजु दीनबन्धु दिनेश दानव-दैत्य-वंश-निकन्दनं।

रघुनन्द आनन्दकन्द कोशलचन्द दशरथ-नन्दनं॥

शिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारु अङ्ग विभूषणं।

आजानु-भुज-शर-चाप-धर संग्राम-जित-खरदूषणं॥

इति वदति तुलसीदास शंकर-शेष-मुनि-मन-रंजनं।

मम हृदय-कंज निवास कुरु कामादि खलदल-गंजनं॥

गोस्वामी तुलसीदास · विनय पत्रिका
अयोध्या की पावन भूमि से काशी के विश्वनाथ, हिमालय के केदारनाथ और सोमनाथ तक, पवित्र मंदिरों का इतिहास जानें।
हर धाम में आस्था, हर मंदिर में एक दिव्य गाथा।
DISCOVER SACRED TEMPLES
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श्री तिरुपति बालाजी मंदिर
श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग
श्री राम जन्मभूमि मंदिर
तिरुमला, आंध्र प्रदेश
उज्जैन, मध्य प्रदेश
अयोध्या, उत्तर प्रदेश
श्री जगन्नाथ मंदिर
श्री हनुमानगढ़ी मंदिर
श्री द्वारकाधीश मंदिर
पुरी, ओडिशा
अयोध्या, उत्तर प्रदेश
द्वारका, गुजरात
IMMERSIVE TEMPLE EXPERIENCE
जब दिव्यता और तकनीक मिलकर रचें एक अद्भुत अनुभव।
मुख्य गर्भ गृह एवं सिंह द्वार
360° Interactive
Interactive 3D Architectural Concept — Shri Ram Mandir
भारत के पवित्र मंदिरों की भव्य वास्तुकला, कलात्मक विवरण और उनसे जुड़ी कथाओं को आधुनिक 3D एवं 360° तकनीक की सहायता से एक नए दृष्टिकोण से जानने की कल्पना करें।
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उत्सव एवं धार्मिक आयोजन
हर उत्सव में भक्ति, हर पर्व में आनंद
आगामी उत्सवों, धार्मिक अनुष्ठानों और विशेष आयोजनों से जुड़े रहें। पर्वों की वास्तविक तिथियाँ अधिकृत कैलेंडर से जोड़ी जाएँगी।
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साप्ताहिक सत्संग

हर उत्सव में राम का नाम,
हर सत्संग में शांति।

नियमित सत्संग और आगामी पर्व — भक्ति और श्रद्धा से जुड़ने का पावन अनुभव। हर परिवार का स्वागत है।

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हनुमान चालीसा
हर मंगलवार · सायं 6:30

हनुमान चालीसा

सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, आरती और प्रसाद।

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सुंदरकांड पाठ
मंगल व शनि · सायं 6:00

सुंदरकांड पाठ

रामचरितमानस के सुंदरकांड का सस्वर पाठ।

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माता की चौकी
दूसरा शुक्रवार · रात्रि 8:15

माता की चौकी

देवी भजनों से सजी जागरण की संध्या।

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सत्यनारायण कथा
हर पूर्णिमा · सायं 6:30

सत्यनारायण कथा

पूर्णिमा की कथा और पूजा, सभी भक्तों के लिए।

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गजानन महाराज
हर गुरुवार · सायं 7:00

गजानन महाराज

आरती और सत्संग; तीसरे रविवार नाम-जप।

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झूलेलाल भजन
चौथा रविवार

झूलेलाल भजन

सिंधी समाज के साथ श्री झूलेलाल भजन और बहराणा।

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एक दीप जलाएँप्रभु के चरणों में अपनी श्रद्धा का एक दीप अर्पित करें।
सेवा के अवसर
आपकी सेवा, हमारी संस्कृति की शक्ति
अपने समय, कौशल और समर्पण से उपलब्ध सांस्कृतिक, शैक्षिक और सामुदायिक पहलों में सहभागी बनें।
स्वयंसेवक के रूप में जुड़ें →
कार्यक्रम एवं आयोजन सेवा
धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय सहयोग एवं सहभागिता।
01
कला एवं संस्कृति संरक्षण
पारंपरिक कला, संगीत और साहित्य से गहरा आत्मीय जुड़ाव बनाए रखना।
02
डिजिटल एवं रचनात्मक सेवा
अपनी या किसी स्थानीय कलाकार की कला प्रस्तुत करें।
03
शिक्षा एवं युवा सहभागिता
अनुवाद, दस्तावेज़ीकरण, शोध, लेखन, संपादन और रचनात्मक योगदान।
04
मंदिर या ब्रज की वास्तविक तस्वीर
बच्चों और युवाओं के लिए रोचक, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक शैक्षिक गतिविधियाँ।
05
समर्पण एवं सेवा
सेवा का हर छोटा प्रयास,
सेवा, दान और परोपकार सनातन परंपरा के महत्वपूर्ण मूल्य हैं। अधिकृत पहलों की उपलब्धता के अनुसार सहभागिता करें।
श्रद्धा का बड़ा प्रतीक
धार्मिक एवं सांस्कृतिक सेवा
धार्मिक गतिविधियों और सांस्कृतिक संरक्षण में सहयोग।
शिक्षा एवं ज्ञान सेवा
नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और ज्ञान से जोड़ना।
सेवा में सहभागी बन
अधिकृत दान की जानकारी
सामुदायिक सेवा
समाज कल्याण और सहायता से जुड़ी पहल।
स्वैच्छिक योगदान
समय, कौशल और सेवाभाव के साथ सहभागिता।
रिक्त पद · आवेदन आमंत्रित

मंदिर की सेवा में
जुड़ें।

समय, कौशल और संसाधनों के साथ सहभागिता — मीडिया, समाचार-पत्र या युवा समूह: info.srmyouth@gmail.com

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अनुबंध से पूर्णकालिक · नवम्बर 2025 से

पुरोहित

वैदिक कर्मकांड, पूजा, हवन और संस्कारों में अनुभवी पुरोहित।
आवेदन →
स्वैच्छिक पद · जनवरी 2026 से

कोषाध्यक्ष

मंदिर के लेखा-जोखा और वित्तीय व्यवस्था में बोर्ड का सहयोग।
आवेदन →
बोर्ड को अपना परिचय भेजें

सेवा में सहभागी बनें

bod@srmplano.org →
गुरुकुल · पढ़ें · सुनें · जिएँ

रामायण को केवल पढ़िए मत।
उसे जीकर देखिए।

प्रभु राम का जीवन केवल सुनी हुई कथा नहीं — जीने की वह रीति है जिसे हम टेक्सास में अपने बच्चों को सौंपते हैं।

प्रवेश लें →
एसआरएम गुरुकुल · 2026–27

5 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए हिंदी, नैतिक शिक्षा और भजन

हर रविवार, प्रातः 10 से दोपहर 12 बजे, 23 अगस्त 2026 से 16 मई 2027 तक — अधिकांश कक्षाएँ ज़ूम पर।

$351प्रति बच्चा
$651दो भाई-बहन
रवि10 – 12
प्रवेश — gurukul.srm@gmail.com
साक्षी शौरीकार्यक्रम निदेशक
शिल्पी शर्माहिंदी
वर्षा मेहंद्राहिंदी स्तर 1
गौतम कपिलानैतिक शिक्षा
कर्तव्यमर्यादा

राज्य का मूल्य चुकाकर भी प्रभु राम ने वचन निभाया।

निःस्वार्थ भावसेवा

हनुमान जी ने सेवा के अवसर के अतिरिक्त कुछ नहीं माँगा।

प्रेमपरिवार

भरत ने सिंहासन पर प्रभु की पादुकाएँ रखकर राज किया।

वचनसत्य

प्राण जाएँ पर वचन न जाए।

पधारें

पधारिए,
आपका स्वागत है।

6521 Chase Oaks Blvd, Plano, TX 75023 — दर्शन के लिए सभी का स्वागत है।

मार्ग देखें →
श्री राम मंदिर

दर्शन का समय

सोमवार – शुक्रवार
9:30 AM – 12:30 PM
5:30 – 8:30 PM
शनिवार – रविवार
9:30 AM – 8:30 PM
आरती
दोपहर 12:00 · सायं 7:45

मंदिर मर्यादा

  • मंडप में प्रवेश से पहले जूते-चप्पल उतारें।
  • शालीन, सहज वस्त्र धारण करें।
  • आरती के समय फ़ोन मौन रखें।
  • विग्रहों को स्पर्श न करें; भेंट पुरोहित जी को दें।
  • चाहें तो पुष्प, फल या मिष्ठान्न अर्पित करें।

भक्तों के प्रश्न

पूजा या संस्कार की बुकिंग कैसे करें?

कार्यालय को 972-422-1600 पर फ़ोन करें। पूजा मंदिर में, घर या व्यवसाय-स्थल पर, अथवा ऑनलाइन हो सकती है — शुल्क सूची पूजा व संस्कार खंड में है।

क्या मेरा दान कर-मुक्त है?

हाँ। हिंदू कल्चरल फ़ाउंडेशन इंक. (श्री राम मंदिर) 501(c)(3) संस्था है, कर पहचान संख्या 26-3547343। अनेक नियोक्ता आपके दान का मिलान भी करते हैं।

क्या मंदिर में विवाह हो सकता है?

हाँ। मंदिर में विवाह $501 (बाहर $601), साथ में $151 वापसी-योग्य जमा राशि। तिथि के लिए फ़ोन करें।

क्या बच्चों के लिए कक्षाएँ हैं?

एसआरएम गुरुकुल रविवार प्रातः 5–14 वर्ष के बच्चों के लिए हिंदी, नैतिक शिक्षा और भजन सिखाता है — gurukul.srm@gmail.com

उत्सव या स्टॉल हेतु अनुरोध कैसे करें?

बोर्ड को bod@srmplano.org पर लिखें।

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श्री रामचरितमानस

रघुकुल रीति सदा चलि आई।
प्राण जाइ पर बचन न जाई।

रघुकुल की यही रीति सदा से चली आई है — प्राण भले चले जाएँ, पर वचन नहीं जाता।

— श्री रामचरितमानस, गोस्वामी तुलसीदास श्री राम मंदिर को सहयोग दें