
कर्तव्यमर्यादा
राज्य का मूल्य चुकाकर भी प्रभु राम ने वचन निभाया।
5 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए हिंदी, नैतिक शिक्षा और भजन।
प्रभु राम का जीवन केवल सुनी हुई कथा नहीं — जीने की वह रीति है जिसे हम टेक्सास में अपने बच्चों को सौंपते हैं।
प्रवेश लें →हर रविवार, प्रातः 10 से दोपहर 12 बजे, 23 अगस्त 2026 से 16 मई 2027 तक — अधिकांश कक्षाएँ ज़ूम पर।

राज्य का मूल्य चुकाकर भी प्रभु राम ने वचन निभाया।

हनुमान जी ने सेवा के अवसर के अतिरिक्त कुछ नहीं माँगा।

भरत ने सिंहासन पर प्रभु की पादुकाएँ रखकर राज किया।

प्राण जाएँ पर वचन न जाए।
सत्र 2026–27 · 23 अगस्त 2026 से 16 मई 2027 · हर रविवार प्रातः 10 से 12।