राम स्तुति · आरती

भजन व आरती

संध्या आरती और सत्संग के भजन — पढ़ें और साथ-साथ गाएँ।

भजन व आरती

मन मंदिर में
राम नाम का दीप।

संध्या आरती और सत्संग में गाए जाने वाले भजन — साथ-साथ गाइए।

संध्या आरती · सायं 7:45 →
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श्री राम स्तुति सुनें
श्री राम स्तुति सुनेंश्री रामचंद्र कृपालु भजु मन

श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं।

नवकंज-लोचन कंज-मुख कर-कंज पद कंजारुणं॥

कन्दर्प अगणित अमित छवि नवनील-नीरद सुन्दरं।

पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि नौमि जनक सुतावरं॥

भजु दीनबन्धु दिनेश दानव-दैत्य-वंश-निकन्दनं।

रघुनन्द आनन्दकन्द कोशलचन्द दशरथ-नन्दनं॥

शिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारु अङ्ग विभूषणं।

आजानु-भुज-शर-चाप-धर संग्राम-जित-खरदूषणं॥

इति वदति तुलसीदास शंकर-शेष-मुनि-मन-रंजनं।

मम हृदय-कंज निवास कुरु कामादि खलदल-गंजनं॥

गोस्वामी तुलसीदास · विनय पत्रिका

मंदिर पधारें, प्रभु के दर्शन करें।

हर दिन, हर परिवार का स्वागत है — आरती दोपहर 12:00 और सायं 7:45।